दिवाली से पहले खरीदारी के लिए निकले लोगों को झेलना पड़ा भयंकर ट्रैफिक, गूगल मैप्स भी हुआ फेल
नई दिल्ली: देश भर में धनतेरस का त्योहार धूमधाम से मनाया गया, लेकिन राजधानी दिल्ली और एनसीआर (NCR) के कई हिस्सों में खरीदारी के लिए सड़कों पर उतरे लोगों को भयंकर जाम (Heavy Traffic Jam) का सामना करना पड़ा। प्रमुख बाजारों, मॉल और मुख्य सड़कों पर गाड़ियां घंटों रेंगती रहीं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

बाजारों में उमड़ी भीड़ बनी जाम की वजह
धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन और नए सामान की खरीदारी की परंपरा है। इसी वजह से चांदनी चौक, करोल बाग, लाजपत नगर और नोएडा व गुरुग्राम के बड़े बाजारों में दिन भर पैर रखने की जगह नहीं थी। लोगों ने बड़ी संख्या में अपने निजी वाहनों का इस्तेमाल किया, जिसके कारण प्रमुख चौराहों और रिंग रोड पर जाम की स्थिति बन गई।
- नोएडा और गुरुग्राम में ऑफिस से घर लौट रहे लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।
- गूगल मैप्स (Google Maps) पर भी 2 किलोमीटर की दूरी तय करने में 40 मिनट तक का समय दिखाया जा रहा था, जो दिल्ली के ट्रैफिक की भयावह स्थिति को दर्शाता है।
- ट्रैफिक पुलिस को कई जगहों पर मैन्युअल रूप से यातायात संभालना पड़ा।
जानकारों का कहना है कि त्योहारों के चलते एक तो वाहनों की संख्या बढ़ गई है, दूसरा, पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण लोग सड़कों पर ही वाहन पार्क कर रहे थे, जिसने जाम को और गंभीर बना दिया।
करोड़ों के व्यापार पर असर और यात्री का दर्द
इस भयंकर जाम का असर सिर्फ यात्रियों की परेशानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा असर त्योहारों के कारोबार पर भी पड़ा। कई खुदरा व्यापारियों (retail traders) ने बताया कि शाम के समय जब खरीदारी सबसे अधिक होती है, तब ग्राहक जाम में फंसे होने के कारण बाजार तक पहुँच ही नहीं पाए। अनुमान है कि अकेले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इस जाम के कारण करोड़ों रुपये के संभावित व्यापार का नुकसान हुआ है।
- यात्रियों की बेबसी: एक स्थानीय निवासी, अमित राणा ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा, “परिवार के साथ दिवाली की खरीदारी के लिए निकले थे, लेकिन बच्चों को कार में बैठाए तीन घंटे हो गए।
- पुलिस की चुनौती: जाम की स्थिति को संभालने के लिए दिल्ली और एनसीआर की ट्रैफिक पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई संवेदनशील जंक्शनों पर सिग्नल सिस्टम फेल हो गया, जिसके चलते पुलिसकर्मियों को घंटों तक मैन्युअल रूप से यातायात संभालना पड़ा।
प्रशासन को अब उम्मीद है कि दिवाली से ठीक पहले लगे इस भीषण जाम से सबक लेकर, अगले दो दिनों के लिए यातायात प्रबंधन (traffic management) और पार्किंग व्यवस्था को युद्ध स्तर पर सुधारा जाएगा, ताकि दिवाली की खुशियों पर ट्रैफिक का साया न पड़े।
